सामना ने लिखा है- विकास दुबे (Vikas Dubey) कोई संत-महात्मा या समाजसेवक नहीं था. वह किसी की सुपारी लेकर उनकी कीड़े-मकोड़ों की तरह निर्ममता से हत्या कर देनेवाला अपराधी था.from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/2W5wKvO
सामना ने लिखा है- विकास दुबे (Vikas Dubey) कोई संत-महात्मा या समाजसेवक नहीं था. वह किसी की सुपारी लेकर उनकी कीड़े-मकोड़ों की तरह निर्ममता से हत्या कर देनेवाला अपराधी था.
0 Comments